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तुमसे शुरू, तुम पर ठहर गया

  तुम मिले तो लगा जैसे, कोई अधूरी बात पूरी हुई, मेरी खामोश सी दुनिया में अचानक कोई धुन जरूरी हुई। तुम्हारी हँसी की एक झलक दिन भर मेरे साथ रहती है, तुम दूर रहो फिर भी जाने क्यों तुम्हारी याद पास रहती है। तुमसे बातें करना जैसे थके मन को सुकून मिलना, तुम्हारा नाम सुनते ही चेहरे पर चुपके से मुस्कुराना। मुझे नहीं चाहिए चाँद-सितारे, न कोई महँगा सा उपहार, बस जब भी मैं तुम्हें देखूँ, मिल जाए वही पुराना प्यार। कल क्या होगा, कौन जाने, रास्ते कहाँ हमें ले जाएँ, बस इतनी सी इच्छा है मेरी— हर मोड़ पर तुम साथ नज़र आएँ। अगर प्यार कोई घर है, तो तुम उसकी खिड़की हो, जहाँ से हर सुबह आती है और मेरी शाम भी मीठी हो। मैंने दुनिया से बहुत कुछ माँगा, पर तुमसे बस इतना चाहता हूँ— जब तक धड़कता रहे ये दिल, हर धड़कन में तुम्हें पाता रहूँ।